Saturday, August 18, 2012

वीरो के घरवाले

भारत

आज चारो तरफ नारे गूँज रहें हैं ,मेरा भारत महान के ,बहुत ही अच्छा लग रहा है ,नेट पर भी सब ने त्रिंगा लगा रखा है ,काश आज वो शहीद ,वो वीर जिनकी कुर्बानियों से ये दिन देखने को मिला है वो भी कहीं से देख रहे हों ,कितना सुकून मिलेगा उनकी आत्माओं को ,लेकिन मन में एक तीस भी उठ रही है ,जिन के बेटे भाई या पति इस दिन के लिए शहीद हुए क्या उन्हें कोई पूछ रहा है ,क्या उनके पास खाने को रोटी है ,क्या उन बच्चों के पास और बच्चों जैसी सब सुविधाएँ हैं ,क्या आज किसी को भी उनकी याद है ,जिन्होंने खुद तिलक कर के भेज दिया था अपने प्रिय जनों को इस बलिदान के लिए ,आज वो सब किसी कोने में सिसक रहे होंगे ,किसी को भी उनका पता न होगा क्योकि उन्होंने किसी लालच के लिए तो ये सब नहीं किया था ,लेकिन क्या हम सब का ये फ़र्ज़ नहीं बनता ,जय जय कार के साथ उन वीर जवानों के घरवालो को भी ढूंढे ,उन्हें सब के सामने लाए ,क्या ये सब हो सकेगा या सिर्फ मेरा दिल ही ये सब सोचता रह जाएगा ...
इन वीरों के घरवालो को भी कोई पूछेगा क्या कभी ,क्या उन्हें या उनके बच्चों को वो सम्मान मिलेगा जिस के वो अधिकारी हैं .....

2 comments:

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    1. धन्यवाद गौरिका ....किसी को तो मेरी बात पसंद आई

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